श्रीविल्लिपुत्तूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
1957 के विधान सभा चुनाव में श्रीविल्लिपुत्तूर से 2 सदस्य चुने गए: आर. कृष्णसामी नायुडु (INC) और ए. चिन्नसामी (INC)।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 110 रायदुर्ग थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 110 पलनी है।
विजेता
12.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर. कृष्णसामी नायुडु | 49,49826.2% | |
| 2 | ए. चिन्नसामी | 31,07016.5% | |
| 3 | एस. अलगरसामी | 26,18113.9% | |
| 4 | गुरुसामी निर्दलीय | निर्दलीय | 20,25010.7% |
| 5 | जी.ए. अप्पन निर्दलीय | निर्दलीय | 18,2149.7% |
| 6 | एम. सिंगप्पन निर्दलीय | निर्दलीय | 18,0479.6% |
| 7 | पी.एस. चिन्नवेंकटा राजा निर्दलीय | निर्दलीय | 9,7815.2% |
| 8 | एस. चेल्लैया निर्दलीय | निर्दलीय | 8,5514.5% |
| 9 | के. करुप्पनन निर्दलीय | निर्दलीय | 5,3862.9% |
| 10 | के.ए. रामसामी राजा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0220.5% |
| 11 | एम. धर्मर थेवर निर्दलीय | निर्दलीय | 7580.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1967 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1967 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।