बैरसियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
शंकर दयाल (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 41.0% वोट पाकर बैरसिया सीट जीती और राम गोपाल उर्फ़ राम नारायण (HMS) को 121 वोटों से हराया।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। शंकर दयाल 2.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शंकर दयाल | 2,44341.0% | |
| 2 | राम गोपाल उर्फ़ राम नारायण | 2,32238.9% | |
| 3 | एम. जी. पोतदार निर्दलीय | निर्दलीय | 5529.3% |
| 4 | एन. पी. बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 4247.1% |
| 5 | बी. के. गुप्ता KMM | KMM | 2243.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (चौदहवाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में भोपाल की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
भोपाल के औसत के आसपास (23 सीटों में ऊपर से चौदहवाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, HMS और एक निर्दलीय को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।