मोर्शीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
सलाओ हीराबाई आनंदराव (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 39.8% वोट पाकर मोर्शी सीट जीती और देशमुख प्रतापसिंघ शंकरराव (निर्दलीय) को 934 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में कोई सीट नंबर 273 नहीं थी।
विजेता
मोर्शी का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 934 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सलाओ हीराबाई आनंदराव | 21,54039.8% | |
| 2 | देशमुख प्रतापसिंघ शंकरराव निर्दलीय | निर्दलीय | 20,60638.1% |
| 3 | मांगले नथ्थू देवाजी | 7,80514.4% | |
| 4 | ठोके रामकृष्ण गंगारामजी | 1,8703.5% | |
| 5 | राजदारखान जब्बारखान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6783.1% |
| 6 | झंवर काशीराम मुरलीधर निर्दलीय | निर्दलीय | 5751.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (सत्रहवाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में बम्बई की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
बम्बई में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (339 सीटों में ऊपर से सत्रहवाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।