अकोटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
सकी नियाज़ी मोहम्मद सुभान (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 52.5% वोट पाकर अकोट सीट जीती और अरखराव रामभाऊ जानुजी (SCF) को 18,909 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 266 बांद्रा खार जुहू थी।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सकी नियाज़ी मोहम्मद सुभान 36.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सकी नियाज़ी मोहम्मद सुभान | 26,98052.5% | |
| 2 | अरखराव रामभाऊ जानुजी | 8,07115.7% | |
| 3 | पल्हाडे पंढरीनाथ विठोबा निर्दलीय | निर्दलीय | 7,54914.7% |
| 4 | बोडखे महादेव बलिराम | 5,25110.2% | |
| 5 | सपकाल रामराव वामनराव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2034.3% |
| 6 | वानखडे ओंकार नरसाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2992.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (31वाँ), सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में बम्बई की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
बम्बई में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (339 सीटों में ऊपर से 31वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SCF और एक निर्दलीय को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।