दिंडोरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
1957 के विधान सभा चुनाव में दिंडोरी से 2 सदस्य चुने गए: दोखर फकीरराव सखाराम (CPI) और बागुल रामदास पांडू (CPI)।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 230 हुनगुंद थी।
विजेता
5.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दोखर फकीरराव सखाराम | 23,48922.8% | |
| 2 | बागुल रामदास पांडू | 22,70922.0% | |
| 3 | जाधव माधवराव लक्ष्मणराव | 18,12917.6% | |
| 4 | राऊत कचरू भाऊ | 16,96016.4% | |
| 5 | धुले शंकर रामजी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,1285.0% |
| 6 | भोये सखाराम गोविन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5064.4% |
| 7 | घुटे खंडेराव साजन निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4604.3% |
| 8 | राऊत त्र्यंबक पांडू निर्दलीय | निर्दलीय | 4,1304.0% |
| 9 | राऊत गोविंदा लक्ष्मण RRP | RRP | 3,6083.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कम मतदान प्रतिशत (283वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में बम्बई की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
बम्बई में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (339 सीटों में ऊपर से 283वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।