कुर्लाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
मगर अंजनाबाई नरहर (INC) ने 1957 के विधान सभा चुनाव में 52.0% वोट पाकर कुर्ला सीट जीती और सुले वसंतराव विश्वनाथ (निर्दलीय) को 5,195 वोटों से हराया।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 138 शिरूर थी।
विजेता
10.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मगर अंजनाबाई नरहर | 26,40952.0% | |
| 2 | सुले वसंतराव विश्वनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 21,21441.7% |
| 3 | बगायोकर सदाशिव शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0554.0% |
| 4 | मंगोली गौसमोहिउद्दीन हुसैनसा निर्दलीय | निर्दलीय | 8381.6% |
| 5 | अंसारी हिदायतुल्ला रूहुल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 3100.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
औसत मतदान प्रतिशत (70वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में बम्बई की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
बम्बई के औसत के आसपास (339 सीटों में ऊपर से 70वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।