जंगीपुरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 2019
खलीलुर रहमान (AITC) ने 2019 के लोक सभा चुनाव में 43.1% वोट पाकर जंगीपुर सीट जीती और मफूजा खातून (BJP) को 2,45,782 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | खलीलुर रहमान | 5,62,83843.1% | |
| 2 | मफूजा खातून NDA | NDA | 3,17,05624.3% |
| 3 | अभिजीत मुख़र्जी | 2,55,83619.6% | |
| 4 | मः: ज़ुल्फ़िकार अली | 95,5017.3% | |
| 5 | डॉ. एस. किउ. आर. इल्यास WPOI | WPOI | 21,3021.6% |
| 6 | प्रसाद हालदार निर्दलीय | निर्दलीय | 12,8391.0% |
| 7 | तैइदुल इस्लाम | 11,6960.9% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 11,3550.9% |
| 8 | अभिजीत खामारु निर्दलीय | निर्दलीय | 5,7900.4% |
| 9 | समीरुद्दीन SUCI(C) | SUCI(C) | 3,8570.3% |
| 10 | शामिमुल इस्लाम | 3,4980.3% | |
| 11 | धनञ्जय बॅनर्जी PUJP | PUJP | 2,9360.2% |
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
मुर्शिदाबाद ज़िला · 71 लाख लोग · जनगणना 2011
आम और उसके प्रसंस्कृत उत्पाद तथा मुर्शिदाबाद रेशमी साड़ी / स्कार्फ़ के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- मुस्लिम66.3%
- हिंदू33.2%
- ईसाई0.3%
- जैन<0.1%
- सिख<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
5 प्रसिद्ध स्थान

प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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यहाँ से कौन जीता, 2009–2019
AITC ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2014 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 2009 से शुरू होता है, यह AITC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत लगभग 2014 जितना ही रहा: 80.7%।

