आसनसोललोक सभा चुनाव का परिणाम, 2019
बाबुल सुप्रियो बड़ाल (BJP) ने 2019 के लोक सभा चुनाव में 51.2% वोट पाकर आसनसोल सीट जीती और श्रीमति (मुन मुन) देव बर्मा (सेन) (AITC) को 1,97,637 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाबुल सुप्रियो बड़ाल NDA | NDA | 6,33,37851.2% |
| 2 | श्रीमति (मुन मुन) देव बर्मा (सेन) | 4,35,74135.2% | |
| 3 | गौरंगा चटर्जी | 87,6087.1% | |
| 4 | बिस्वरूप मंडल | 21,0381.7% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 14,4471.2% |
| 5 | मो. ज़हीर आलम BMUP | BMUP | 12,6771.0% |
| 6 | स्वराज दास निर्दलीय | निर्दलीय | 10,0660.8% |
| 7 | संदीप सरकार | 7,8600.6% | |
| 8 | अभिषेक कुमार सिंह NDA | NDA | 5,7610.5% |
| 9 | काजल बेनार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,1760.4% |
| 10 | अमरनाथ चौधरी SUCI(C) | SUCI(C) | 4,3830.3% |
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, AITC और CPM को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
बर्धमान ज़िला · 77.2 लाख लोग · जनगणना 2011
बंगाल डोकरा, बर्धमान सीताभोग - मिहिदाना तथा अग्निरोधी ईंटें और ऐसे ही अग्निरोधी सिरेमिक आदि के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू77.8%
- मुस्लिम20.7%
- ईसाई0.3%
- सिख0.2%
- बौद्ध<0.1%
- जैन<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)0.6%
- नहीं बताया0.3%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
15 प्रसिद्ध स्थानप्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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यहाँ से कौन जीता, 2009–2019
BJP ने 2014 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.8% से बढ़कर 51.2% हो गया। मतदान प्रतिशत 2014 के 77.7% से घटकर 76.6% रह गया।







