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पंजाब · लोक सभा सीट नंबर 4SC आरक्षित

जालंधरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 2019

संतोख सिंह चौधरी (INC) ने 2019 के लोक सभा चुनाव में 37.9% वोट पाकर जालंधर सीट जीती और चरणजीत सिंह अटवाल (SAD) को 19,491 वोटों से हराया।

विजेता

संतोख सिंह चौधरी
INC· UPA
INC 37.9%SAD 35.9%17 अन्य + नोटा 26.2%
मिले वोट
3,85,712
मतों का 37.9%
जीत का अंतर
19,491
कुल वोटों का 1.9%
कुल डाले गए वोट
10,18,998
उम्मीदवार
19

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

19 उम्मीदवार + नोटा

नाम पर टैप करें

#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
संतोख सिंह चौधरी
UPA
UPA
3,85,71237.9%
2
चरणजीत सिंह अटवाल
NDA
NDA
3,66,22135.9%
3
बलविंदर कुमार
2,04,78320.1%
4
जस्टिस (रिटायर्ड) जोरा सिंह
25,4672.5%
—
नोटा
नोटा
नोटा
12,3241.2%
5
कश्मीर सिंह घुगशोर
निर्दलीय
निर्दलीय
4,1000.4%
6
सुखदेव सिंह
निर्दलीय
निर्दलीय
3,1540.3%
7
सुभाष गोरिया
NDA
NDA
2,4700.2%
8
तारा सिंह गिल
BSP(A)
BSP(A)
2,4630.2%
9
वाल्मिकाचार्य नित्य आनंद
निर्दलीय
निर्दलीय
1,8580.2%
10
अमरीश कुमार
निर्दलीय
निर्दलीय
1,5910.2%
11
जगन नाथ बाजवा
HBP
HBP
1,4300.1%
12
उर्मिला
ANC
ANC
1,3400.1%
13
हरी मित्तर
PPID
PPID
1,1910.1%
14
उपकार सिंह बख्शी
निर्दलीय
निर्दलीय
1,0880.1%
15
रमेश लाल काला
BMUP
BMUP
9210.1%
16
नीटू शटरां वाला
निर्दलीय
निर्दलीय
8560.1%
17
बलजिंदर सोढ़ी
NATJUP
NATJUP
8450.1%
18
प्रकाश चन्द जस्सल
6840.1%
19
गुरुपाल सिंह
BHAPRAP
BHAPRAP
5000.1%

नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
1.9%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
63%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
कई दावेदारों वाला मुक़ाबला

सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.19

नोटा को कितने वोट मिले?

इस सीट के आंकड़े
1.2%

वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले

कमज़्यादा

यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?

इस सीट के आंकड़े
…

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
37.9%INC की जीत
INC 37.9%SAD 35.9%BSP 20.1%अन्य 4.9%नोटा 1.2%

जालंधर ज़िला · 21.9 लाख लोग · जनगणना 2011

हाथ के औज़ार, शहद और चमड़ा आदि के लिए प्रसिद्ध।

यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत

यहाँ कौन रहता है?

इस ज़िले के आंकड़ेजनगणना 2011
जनसंख्या
21,93,590
जनसंख्या घनत्व
836 प्रति वर्ग किमी
लिंगानुपात (प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाएँ)
915 ♀/1000 ♂
क्षेत्रफल
2,624 वर्ग किमी
अनुसूचित जाति (SC) की जनसंख्या39.0%
अनुसूचित जनजाति (ST) की जनसंख्या0.0%

यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?

इस ज़िले के आंकड़ेजनगणना 2011 · तालिका C-01
64%हिंदू
  • हिंदू63.6%
  • सिख32.8%
  • मुस्लिम1.4%
  • ईसाई1.2%
  • बौद्ध0.5%
  • जैन0.2%
  • अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
  • नहीं बताया0.4%

नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर

इस ज़िले के आंकड़ेजनगणना 2011 · कितने प्रतिशत घरों में
नल में पानी65.4%
बिजली की रोशनी98.3%
घर में शौचालय86.5%

सेहत और परिवार

इस ज़िले के आंकड़ेNFHS-5 · 2019-21
अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जन्म92.3%
पूरे टीके लगे बच्चे91.3%
उम्र के हिसाब से कम क़द वाले बच्चे (5 साल से कम)24.8%
कम वज़न वाले बच्चे (5 साल से कम)16.7%
ख़ून की कमी वाली महिलाएँ (15-49 साल)57.0%
साक्षर महिलाएँ86.8%
18 साल से पहले ब्याही गई महिलाएँ7.4%
साफ़ रसोई ईंधन82.3%
स्वास्थ्य बीमा25.9%

आसपास के प्रसिद्ध स्थान

18 प्रसिद्ध स्थान
इस सीट के आंकड़ेWikidata · ASI
इन चीज़ों के लिए प्रसिद्धइस ज़िले के आंकड़े
🏺हाथ के औज़ार🏺शहद🏺चमड़ा🏺खेल का सामान
🏛️

प्राचीन टीला, कटपालों

🏛️स्मारकASI

प्राचीन टीला

🏛️
फिल्लौर में महाराजा रणजीत सिंह का किला

फिल्लौर में महाराजा रणजीत सिंह का किला

🏛️स्मारकASI
🏛️

मुगल पुल

🏛️स्मारकASI
🏛️

मुगल कोस मीनार, दखनी सराय से तीन मील उत्तर-पश्चिम

🏛️स्मारकASI
🏛️

सराय और प्रवेश द्वार, दखनी

🏛️स्मारकASI

दरवाज़े सहित सराय

सराय और प्रवेश द्वार, नूरमहल

सराय और प्रवेश द्वार, नूरमहल

🏛️स्मारकASI

दरवाज़े सहित सराय

दिल्ली से लाहौर के पुराने बादशाही राजमार्ग पर सात कोस मीनारें

दिल्ली से लाहौर के पुराने बादशाही राजमार्ग पर सात कोस मीनारें

🏛️स्मारकASI

प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

यहाँ से कौन जीता, 1977–2019

INC ने यहाँ लगातार पाँचवीं बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1999 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 36.6% से बढ़कर 37.9% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2014 के 67.1% से घटकर 63.0% रह गया।

  1. 1977इकबाल सिंह ढिल्लों (SAD), जीत का अंतर 28.1%
  2. 1980राजिंदर सिंह स्पैरो (INC(I)), जीत का अंतर 17.0%
  3. 1984राजिंदर सिंह स्पैरो (INC), जीत का अंतर 14.2%
  4. 1989आई.के. गुजराल (JD), जीत का अंतर 14.8%
  5. 1991यश (INC), जीत का अंतर 39.4%
  6. 1996दरबारा सिंह (SAD), जीत का अंतर 3.0%
  7. 1998इन्द्र कुमार गुजराल (JD), जीत का अंतर 20.3%
  8. 1999बलबीर सिंह (INC), जीत का अंतर 6.1%
  9. 2004राणा गुरजीत सिंह (INC), जीत का अंतर 4.5%
  10. 2009मोहिंदर सिंह केपी (INC), जीत का अंतर 4.0%
  11. 2014संतोख सिंह चौधरी (INC), जीत का अंतर 6.8%
  12. 2019संतोख सिंह चौधरी (INC), जीत का अंतर 1.9%