गड़चिरोली-चिमुरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 2019
अशोक महादेवराव नेते (BJP) ने 2019 के लोक सभा चुनाव में 45.5% वोट पाकर गड़चिरोली-चिमुर सीट जीती और डॉ. नामदेव दल्लुजी उसेंडी (INC) को 77,526 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार + नोटा| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अशोक महादेवराव नेते महायुति (NDA गठबंधन) | महायुति (NDA गठबंधन) | 5,19,96845.5% |
| 2 | डॉ. नामदेव दल्लुजी उसेंडी | 4,42,44238.7% | |
| 3 | डॉ. रमेशकुमार बाबुरावजी गजबे VBA | VBA | 1,11,4689.8% |
| 4 | हरीचंद्र नागोजी मंगाम | 28,1042.5% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 24,5992.1% |
| 5 | देवराव मोनबा नन्नावरे APoI | APoI | 16,1171.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और VBA को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.72 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
गढ़चिरौली ज़िला · 10.7 लाख लोग · जनगणना 2011
वन उत्पाद और चावल के लिए प्रसिद्ध।
यह सीट 3 ज़िलों में फैली है; नीचे के आँकड़े इसके मुख्य ज़िले गढ़चिरौली के हैं।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू86.4%
- बौद्ध7.7%
- मुस्लिम2.0%
- ईसाई0.4%
- सिख0.1%
- जैन<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)2.8%
- नहीं बताया0.6%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
22 प्रसिद्ध स्थानगढ़चिरौली ज़िला
गोंदिया ज़िला

प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 2009–2019
BJP ने 2014 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.2% से घटकर 45.5% रह गया। मतदान प्रतिशत 2014 के 70.0% से बढ़कर 72.3% हो गया।
