सिलचरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 2019
राजदीप रॉय (BJP) ने 2019 के लोक सभा चुनाव में 52.6% वोट पाकर सिलचर सीट जीती और सुष्मिता देव (INC) को 81,596 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजदीप रॉय NDA | NDA | 4,99,41452.6% |
| 2 | सुष्मिता देव | 4,17,81844.0% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 8,5470.9% |
| 3 | नाज़िआ यास्मीन मजूमदार | 5,6930.6% | |
| 4 | सबिन्द्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3,9850.4% |
| 5 | हितब्रत रॉय | 3,5140.4% | |
| 6 | नजमुल हक़ लस्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8200.2% |
| 7 | महेंद्र चंद्र दस निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6550.2% |
| 8 | सुभदीप दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5350.2% |
| 9 | आसुतोष भट्टाचार्य निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5070.2% |
| 10 | पूरन लाल गोवाला निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4600.1% |
| 11 | श्याम देव कुर्मी SUCI(C) | SUCI(C) | 1,0950.1% |
| 12 | बदरुल इस्लाम बरभुईया | 8400.1% | |
| 13 | आशिताब दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 8130.1% |
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.26 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–2019
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2014 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 2009 में जीत दर्ज की थी। यह 1999 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2014 के 75.4% से बढ़कर 79.4% हो गया।
- 1977रशीदा हक चौधुरी (INC), जीत का अंतर 11.5%
- 1980संतोष मोहन देव (राणा देव) (INC(I)), जीत का अंतर 5.0%
- 1984संतोष मोहन देव (INC), जीत का अंतर 9.8%
- 1991कबींद्र पुरकायस्थ (BJP), जीत का अंतर 2.1%
- 1996संतोष मोहन देब (INC), जीत का अंतर 12.2%
- 1998कबींद्र पुरकायस्थ (BJP), जीत का अंतर 3.2%
- 1999संतोष मोहन देव (INC), जीत का अंतर 18.2%
- 2004संतोष मोहन देव (INC), जीत का अंतर 3.5%
- 2009कबींद्र पुरकायस्थ (BJP), जीत का अंतर 6.0%
- 2014सुष्मिता देव (INC), जीत का अंतर 4.4%
- 2019राजदीप रॉय (BJP), जीत का अंतर 8.6%