चतरालोक सभा चुनाव का परिणाम, 2009
इन्द्र सिंह नामधारी (निर्दलीय) ने 2009 के लोक सभा चुनाव में 22.9% वोट पाकर चतरा सीट जीती और धीरज प्रसाद साहू (INC) को 16,178 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इन्द्र सिंह नामधारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,08,33622.9% |
| 2 | धीरज प्रसाद साहू UPA | UPA | 92,15819.4% |
| 3 | नागमणि UPA | UPA | 68,76414.5% |
| 4 | केश्वर यादव CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 63,84613.5% |
| 5 | अरुण कुमार यादव NDA | NDA | 46,0889.7% |
| 6 | के.पी. शर्मा JVM | JVM | 33,7187.1% |
| 7 | सुगन महतो | 16,4083.5% | |
| 8 | धीरेन्द्र अग्रवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 15,5913.3% |
| 9 | रत्नेश कुमार गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 15,5153.3% |
| 10 | सुरेन्द्र यादव JKP | JKP | 6,8451.4% |
| 11 | पारस नाथ मांझी ABMSD | ABMSD | 6,6781.4% |
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 57% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
चतरा ज़िला · 10.4 लाख लोग · जनगणना 2011
सब्ज़ी के लिए प्रसिद्ध।
यह सीट 3 ज़िलों में फैली है; नीचे के आँकड़े इसके मुख्य ज़िले चतरा के हैं।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू86.6%
- मुस्लिम11.2%
- ईसाई0.6%
- सिख0.1%
- जैन<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)1.2%
- नहीं बताया0.2%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
चतरा ज़िला
लातेहार ज़िला
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 2004–2014
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट RJD से छीन ली, जिसने इसे 2004 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2004 के 44.5% से बढ़कर 45.7% हो गया। इसके बाद 2014 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।