करीमगंजलोक सभा चुनाव का परिणाम, 2009
ललित मोहन शुक्लबैद्य (INC) ने 2009 के लोक सभा चुनाव में 37.9% वोट पाकर करीमगंज सीट जीती और राजेश मल्लाह (AUDF) को 7,920 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ललित मोहन शुक्लबैद्य UPA | UPA | 2,59,71737.9% |
| 2 | राजेश मल्लाह AUDF | AUDF | 2,51,79736.7% |
| 3 | सुधांशु दास NDA | NDA | 1,48,94521.7% |
| 4 | मिलन सिंघा निर्दलीय | निर्दलीय | 4,7730.7% |
| 5 | हिमांशु कुमार दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2490.6% |
| 6 | राजेश चन्द्र राय निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0640.5% |
| 7 | उत्तम नमशूद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5910.4% |
| 8 | शीतल प्रसाद दुसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4840.4% |
| 9 | रंजन नमशूद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4750.2% |
| 10 | प्रभाष च. सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2450.2% |
| 11 | मालती राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1510.2% |
| 12 | जॉय दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1200.2% |
| 13 | बिजन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0530.1% |
| 14 | बिजय मालाकार निर्दलीय | निर्दलीय | 9150.1% |
| 15 | देबाशीष दास निर्दलीय | निर्दलीय | 8410.1% |
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.00 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–2014
INC ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1998 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 47.8% से घटकर 37.9% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2004 के 68.6% से घटकर 64.1% रह गया। इसके बाद 2014 के चुनाव में यह सीट AIUDF ने जीती।
- 1977निहार रंजन लस्कर (INC), जीत का अंतर 13.0%
- 1980निहार रंजन लस्कर (INC(I)), जीत का अंतर 27.6%
- 1984सुदर्शन दास (ICS), जीत का अंतर 15.2%
- 1991द्वारका नाथ दास (BJP), जीत का अंतर 8.4%
- 1996द्वारका नाथ दास (BJP), जीत का अंतर 4.8%
- 1998नेपाल चन्द्र दास (INC), जीत का अंतर 1.4%
- 1999नेपाल चन्द्र दास (INC), जीत का अंतर 6.2%
- 2004ललित मोहन शुक्लबैद्य (INC), जीत का अंतर 13.7%
- 2009ललित मोहन शुक्लबैद्य (INC), जीत का अंतर 1.2%
- 2014राधेश्याम बिस्वास (AIUDF), जीत का अंतर 11.5%