कलकत्ता उत्तर पश्चिमलोक सभा चुनाव का परिणाम, 2004
सुधांशु सील (CPM) ने 2004 के लोक सभा चुनाव में 42.1% वोट पाकर कलकत्ता उत्तर पश्चिम सीट जीती और सुब्रत मुखार्जी (AITC) को 43,004 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुधांशु सील वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 1,51,77242.1% |
| 2 | सुब्रत मुखार्जी | 1,08,76830.2% | |
| 3 | बंद्योपाध्याय सुदीप निर्दलीय | निर्दलीय | 81,95222.8% |
| 4 | सुदीप बंद्योपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4501.0% |
| 5 | प्रो. विजय के. अरोड़ा सम्यक निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6660.7% |
| 6 | सुधीर कु. बिश्राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2010.6% |
| 7 | असीम दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1720.6% |
| 8 | रिजवान अहमद सिद्दीकी | 2,1270.6% | |
| 9 | सुब्रत बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1850.3% |
| 10 | बिप्लब मुखार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0790.3% |
| 11 | पाण्डेय रामेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 9690.3% |
| 12 | गोपाल च. साहा निर्दलीय | निर्दलीय | 6970.2% |
| 13 | लोक नाथ सराफ निर्दलीय | निर्दलीय | 6400.2% |
| 14 | कमलेश ओझा निर्दलीय | निर्दलीय | 4390.1% |
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.00 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–2004
CPM ने यह सीट AITC से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह CPM की पहली जीत थी। यह 1991 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 63.0% से घटकर 59.1% रह गया।
- 1977बिजय सिंह नाहर (JNP), जीत का अंतर 22.2%
- 1980अशोक कुमार सेन (INC(I)), जीत का अंतर 13.9%
- 1984अशोक कुमार सेन (INC), जीत का अंतर 35.0%
- 1989देबी प्रसाद पाल (INC), जीत का अंतर 12.7%
- 1991देबी प्रसाद पाल (INC), जीत का अंतर 7.9%
- 1996देबी प्रसाद पाल (INC), जीत का अंतर 14.8%
- 1998सुदीप बंद्योपाध्याय (WBTC), जीत का अंतर 15.9%
- 1999सुदीप बंद्योपाध्याय (AITC), जीत का अंतर 21.2%
- 2004सुधांशु सील (CPM), जीत का अंतर 11.9%