पीलीभीतलोक सभा चुनाव का परिणाम, 2004
मेनका गांधी (BJP) ने 2004 के लोक सभा चुनाव में 37.8% वोट पाकर पीलीभीत सीट जीती और सत्यपाल गंगवार (SP) को 1,02,720 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मेनका गांधी NDA | NDA | 2,55,61537.8% |
| 2 | सत्यपाल गंगवार | 1,52,89522.6% | |
| 3 | अनीस अहमद खान उर्फ़ फूल बाबू | 1,21,26917.9% | |
| 4 | वी.एम. सिंह UPA | UPA | 1,06,18615.7% |
| 5 | कृष्ण अधिकारी CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 11,8041.7% |
| 6 | मोतीराम राजपूत निर्दलीय | निर्दलीय | 11,0271.6% |
| 7 | महेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,9670.7% |
| 8 | सत्येन्द्र AD | AD | 3,1940.5% |
| 9 | बाबू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2720.3% |
| 10 | परमजीत शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2030.3% |
| 11 | कुलबिंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0300.3% |
| 12 | पूरनलाल RSBP | RSBP | 1,3630.2% |
| 13 | महावीर सिंह ABRS | ABRS | 1,2510.2% |
| 14 | मनोहर लाल EKD(UP) | EKD(UP) | 1,0310.1% |
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.07 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।