रोपड़लोक सभा चुनाव का परिणाम, 2004
सुखदेव सिंह लिबड़ा (SAD) ने 2004 के लोक सभा चुनाव में 44.0% वोट पाकर रोपड़ सीट जीती और शमशेर सिंह दूलो (INC) को 33,637 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुखदेव सिंह लिबड़ा NDA | NDA | 3,47,63144.0% |
| 2 | शमशेर सिंह दूलो UPA | UPA | 3,13,99439.7% |
| 3 | मान सिंह मनहेरा | 78,1919.9% | |
| 4 | भाग सिंह | 27,3933.5% | |
| 5 | सुरजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 15,1971.9% |
| 6 | सुच्चा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2760.4% |
| 7 | सविंदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6500.3% |
| 8 | लेहम्बर दास BGTD | BGTD | 1,8890.2% |
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SAD, INC और BSP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–2004
SAD ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था; SAD ने यहाँ पिछली बार 1998 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 56.2% से बढ़कर 58.7% हो गया।
- 1977बसंत सिंह (SAD), जीत का अंतर 17.1%
- 1980बूटा सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 8.3%
- 1984चरणजीत सिंह (SAD), जीत का अंतर 11.9%
- 1989बिमल कौर (SAD(M)), जीत का अंतर 32.8%
- 1991हरचंद सिंह (INC), जीत का अंतर 44.5%
- 1996बसंत सिंह (SAD), जीत का अंतर 10.5%
- 1998सतविंदर कौर (SAD), जीत का अंतर 12.2%
- 1999शमशेर सिंह (INC), जीत का अंतर 10.9%
- 2004सुखदेव सिंह लिबड़ा (SAD), जीत का अंतर 4.3%