सूरतलोक सभा चुनाव का परिणाम, 2004
काशीराम राणा (BJP) ने 2004 के लोक सभा चुनाव में 56.7% वोट पाकर सूरत सीट जीती और चंद्रवदन छोटुभाई पीठावाला (INC) को 1,50,563 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | काशीराम राणा NDA | NDA | 5,08,07656.7% |
| 2 | चंद्रवदन छोटुभाई पीठावाला UPA | UPA | 3,57,51339.9% |
| 3 | सांडिस मावजीभाई लक्ष्मणभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 14,0261.6% |
| 4 | पटेल अर्जुनभाई भीखाभाई | 7,9590.9% | |
| 5 | नागमल प्रभाकर सोमाभाई निर्दलीय | निर्दलीय | 5,7050.6% |
| 6 | गोविंदभाई लक्ष्मणभाई राठोड निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9970.3% |
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.02 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
सूरत ज़िला · 60.8 लाख लोग · जनगणना 2011
सादेली, रत्न और आभूषण तथा ज़री और ज़रदोज़ी के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू86.5%
- मुस्लिम10.9%
- जैन1.9%
- ईसाई0.3%
- बौद्ध0.2%
- सिख0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
4 प्रसिद्ध स्थान

प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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यहाँ से कौन जीता, 1977–2004
BJP ने यहाँ लगातार छठी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1989 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 68.8% से घटकर 56.7% रह गया। यह 1984 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 31.6% से बढ़कर 37.7% हो गया।
- 1977देसाई मोरारजी रणछोड़जी (JNP), जीत का अंतर 5.5%
- 1980पटेल छगनभाई देवाभाई (INC(I)), जीत का अंतर 5.8%
- 1984पटेल छगनभाई देवाभाई (INC), जीत का अंतर 9.5%
- 1989काशीराम राणा (BJP), जीत का अंतर 28.4%
- 1991काशीराम राणा (BJP), जीत का अंतर 17.8%
- 1996काशीराम राणा (BJP), जीत का अंतर 28.4%
- 1998काशीराम राणा (BJP), जीत का अंतर 35.1%
- 1999काशीराम राणा (BJP), जीत का अंतर 40.5%
- 2004काशीराम राणा (BJP), जीत का अंतर 16.8%