मिश्रिखलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1998
राम शंकर (BSP) ने 1998 के लोक सभा चुनाव में 29.8% वोट पाकर मिश्रिख सीट जीती और श्याम लाल रावत (SP) को 1,495 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम शंकर | 1,81,61829.8% | |
| 2 | श्याम लाल रावत | 1,80,12329.6% | |
| 3 | दौलत राम | 1,76,08028.9% | |
| 4 | राम लाल राही | 63,44110.4% | |
| 5 | शिव राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3150.5% |
| 6 | धान पाल AD | AD | 3,0230.5% |
| 7 | रमेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 7650.1% |
| 8 | श्रीमती सुदामा निर्दलीय | निर्दलीय | 4170.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.69 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
BSP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BSP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 43.1% से बढ़कर 56.8% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1977राम लाल राही (JNP), जीत का अंतर 43.9%
- 1980राम लाल राही (INC(I)), जीत का अंतर 20.0%
- 1984संकटा प्रसाद (INC), जीत का अंतर 39.6%
- 1989राम लाल राही (INC), जीत का अंतर 19.6%
- 1991राम लाल राही (INC), जीत का अंतर 4.2%
- 1996चौधरी परागी लाल (BJP), जीत का अंतर 2.0%
- 1998राम शंकर (BSP), जीत का अंतर 0.3%
- 1999सुशीला सरोज (SP), जीत का अंतर 0.7%