शाजापुरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1998
गेहलोत थावरचंद (BJP) ने 1998 के लोक सभा चुनाव में 49.0% वोट पाकर शाजापुर सीट जीती और सज्जनसिंह वर्मा (INC) को 18,994 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गेहलोत थावरचंद NDA | NDA | 3,71,57149.0% |
| 2 | सज्जनसिंह वर्मा | 3,52,57746.5% | |
| 3 | फूलसिंह चौहान | 15,4362.0% | |
| 4 | थावरचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 7,9231.1% |
| 5 | रामचरण मालवीय (खेड़ीनगर) | 6,8200.9% | |
| 6 | समदर सिंह मालवीय | 2,1630.3% | |
| 7 | कैलाशचंद्र धारिया AJBP | AJBP | 1,3400.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पुरानी सीट, जिस पर आख़िरी चुनाव 1999 में हुआ: तब से इसकी सीमाएँ बदल गईं या सीट ख़त्म हो गई, इसलिए आज के ज़िले या राज्य के आँकड़े नहीं दिखाए गए।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
BJP ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1989 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.3% से घटकर 49.0% रह गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 56.3% से बढ़कर 68.9% हो गया। इसके बाद 1999 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977फूल चन्द वर्मा (JNP), जीत का अंतर 21.3%
- 1980फूलचंद वर्मा (JNP), जीत का अंतर 2.1%
- 1984बापूलाल मालवीय (INC), जीत का अंतर 15.1%
- 1989फूल चन्द वर्मा (BJP), जीत का अंतर 12.3%
- 1991फूलचन्द वर्मा (BJP), जीत का अंतर 16.7%
- 1996थावरचन्द गेहलोत (BJP), जीत का अंतर 21.3%
- 1998गेहलोत थावरचंद (BJP), जीत का अंतर 2.5%
- 1999थावरचंद गेहलोत (BJP), जीत का अंतर 4.6%