बगहालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1996
महेन्द्र बैठा (SAP) ने 1996 के लोक सभा चुनाव में 44.1% वोट पाकर बगहा सीट जीती और भोला राम तूफ़ानी (JD) को 56,072 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र बैठा | 2,00,46944.1% | |
| 2 | भोला राम तूफ़ानी | 1,44,39731.8% | |
| 3 | गोरख राम | 31,8287.0% | |
| 4 | मिश्री राम | 17,2373.8% | |
| 5 | नंदजी राम CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 15,8723.5% |
| 6 | रोहित राम निर्दलीय | निर्दलीय | 14,3063.1% |
| 7 | गोरख प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 6,7131.5% |
| 8 | भागीरथी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6661.3% |
| 9 | कपिलदेव राम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,3411.2% |
| 10 | शैलेन्द्र पासवान PHK | PHK | 4,6811.0% |
| 11 | सीता राम प्रसाद AIIC(T) | AIIC(T) | 3,3750.7% |
| 12 | शम्भू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4520.5% |
| 13 | ऋषि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1870.3% |
| 14 | श्याम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1010.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पश्चिम चंपारण ज़िला · 39.4 लाख लोग · जनगणना 2011
मर्चा चूड़ा और रेडीमेड कपड़े के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू77.4%
- मुस्लिम22.0%
- ईसाई0.2%
- बौद्ध<0.1%
- सिख<0.1%
- जैन<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)0.1%
- नहीं बताया0.2%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
17 प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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यहाँ से कौन जीता, 1957–1999
SAP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1957 से शुरू होता है, यह SAP की पहली जीत थी। यह 1962 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1991 जितना ही रहा: 45.8%। इसके बाद 1998 के चुनाव में भी SAP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1957बिभूति मिश्रा (INC), जीत का अंतर 37.8%
- 1962कमल नाथ तिवारी (INC), जीत का अंतर 9.4%
- 1967बी. राऊत (INC), जीत का अंतर 26.8%
- 1971भोला राऊत (INC), जीत का अंतर 46.6%
- 1977जगन्नाथ प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 14.8%
- 1980भोला राऊत (INC(I)), जीत का अंतर 43.8%
- 1984भोला राऊत (INC), जीत का अंतर 54.4%
- 1989महेन्द्र बैठा (JD), जीत का अंतर 22.6%
- 1991महेन्द्र बैठा (JD), जीत का अंतर 12.4%
- 1996महेन्द्र बैठा (SAP), जीत का अंतर 12.3%
- 1998महेन्द्र बैठा (SAP), जीत का अंतर 8.5%
- 1999महेन्द्र बैठा (JD(U)), जीत का अंतर 9.6%