पीलीभीतलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1991
परशुराम (BJP) ने 1991 के लोक सभा चुनाव में 30.9% वोट पाकर पीलीभीत सीट जीती और मेनका गांधी (डब्ल्यू.) (JP) को 6,923 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
25 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | परशुराम | 1,46,63330.9% | |
| 2 | मेनका गांधी (डब्ल्यू.) JP | JP | 1,39,71029.4% |
| 3 | मनपाल सिंह | 76,65416.1% | |
| 4 | महेन्द्र सिंह | 52,25311.0% | |
| 5 | हाफिज अहमद | 17,2763.6% | |
| 6 | सुशील निर्दलीय | निर्दलीय | 5,1451.1% |
| 7 | बबलू निर्दलीय | निर्दलीय | 5,0721.1% |
| 8 | हरि ओम | 5,0261.1% | |
| 9 | भगवती चरण निर्दलीय | निर्दलीय | 4,8061.0% |
| 10 | भगवान दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0730.7% |
| 11 | मोहम्मद इकबाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1820.5% |
| 12 | सुरेश चन्द्र | 2,1800.5% | |
| 13 | छैल बिहारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0630.4% |
| 14 | डोरी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9440.4% |
| 15 | पूनम मिश्र (डब्ल्यू.) निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7160.4% |
| 16 | प्यारे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7040.4% |
| 17 | जाकिर हुसैन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5060.3% |
| 18 | चन्द्र मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1470.2% |
| 19 | बृजेन्द्र सिंह | 1,0220.2% | |
| 20 | किशन चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 9160.2% |
| 21 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8230.2% |
| 22 | राम बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 7870.2% |
| 23 | अब्दुल माबूद चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 7380.2% |
| 24 | मोहम्मद हसन उर्फ़ हारून निर्दलीय | निर्दलीय | 5090.1% |
| 25 | अजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2980.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1989 जितना ही रहा: 54.5%। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1977मोहम्मद शमसुल हसन खान (JNP), जीत का अंतर 51.6%
- 1980हरीश कुमार गंगवार (INC(I)), जीत का अंतर 15.1%
- 1984भानु प्रताप सिंह (INC), जीत का अंतर 40.5%
- 1989मेनका गांधी (JD), जीत का अंतर 28.0%
- 1991परशुराम (BJP), जीत का अंतर 1.5%
- 1996मेनका गांधी (JD), जीत का अंतर 42.8%
- 1998मेनका गांधी (IND), जीत का अंतर 30.4%
- 1999मेनका गांधी (IND), जीत का अंतर 32.1%