पालीलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1991
गुमानमल लोधा (BJP) ने 1991 के लोक सभा चुनाव में 47.3% वोट पाकर पाली सीट जीती और धर्मीचंद जैन (INC) को 19,301 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
33 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुमानमल लोधा | 2,19,71547.3% | |
| 2 | धर्मीचंद जैन | 2,00,41443.2% | |
| 3 | गोरधन रायका निर्दलीय | निर्दलीय | 8,5931.9% |
| 4 | ढगला राम निर्दलीय | निर्दलीय | 4,9111.1% |
| 5 | राम कुमार जनता दल | जनता दल | 4,0830.9% |
| 6 | बुधराज निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9480.6% |
| 7 | कान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8940.6% |
| 8 | धर्मीचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3690.5% |
| 9 | राजपुरोहित मुकन सिंह JP | JP | 2,3250.5% |
| 10 | अल्लाह बख्श समरिया निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6710.4% |
| 11 | उगम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6610.4% |
| 12 | लालू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5090.3% |
| 13 | डूंगरमल खंडपा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1780.3% |
| 14 | तेजराज निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1150.2% |
| 15 | महावीर राज जैन | 1,0740.2% | |
| 16 | मोहम्मद सफी निर्दलीय | निर्दलीय | 9880.2% |
| 17 | कमरूदीन खेराड़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 7490.2% |
| 18 | सफी मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 7270.2% |
| 19 | सुरेन्द्र सिंह लोधा | 6350.1% | |
| 20 | जगदीश कुमार राठौर निर्दलीय | निर्दलीय | 5620.1% |
| 21 | राम करण निर्दलीय | निर्दलीय | 5330.1% |
| 22 | ओ.पी. गेहलोत निर्दलीय | निर्दलीय | 5290.1% |
| 23 | कल्याण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3780.1% |
| 24 | हिमता राम कड़ेला निर्दलीय | निर्दलीय | 3740.1% |
| 25 | मीना वाघा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3620.1% |
| 26 | शंकर लाल नरबान निर्दलीय | निर्दलीय | 3230.1% |
| 27 | भागी रथ | 3080.1% | |
| 28 | घनश्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 2790.1% |
| 29 | शांतिलाल जैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2780.1% |
| 30 | इन्द्र (इन्द्राज सिंह) निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.1% |
| 31 | सुखलाल सेंचा निर्दलीय | निर्दलीय | 2370.1% |
| 32 | टीका राम गुर्जर निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.0% |
| 33 | विनोद कुमार वाघेला निर्दलीय | निर्दलीय | 630.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और एक निर्दलीय को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
BJP ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 63.6% से घटकर 47.3% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 55.7% से घटकर 47.1% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977अमृत नेहटा (JNP), जीत का अंतर 27.6%
- 1980मूल चन्द डागा (INC(I)), जीत का अंतर 29.2%
- 1984मूल चन्द डागा (INC), जीत का अंतर 8.4%
- 1989गुमानमल लोधा (BJP), जीत का अंतर 31.4%
- 1991गुमानमल लोधा (BJP), जीत का अंतर 4.2%
- 1996गुमानमल लोधा (BJP), जीत का अंतर 4.0%
- 1998मीठा लाल जैन (INC), जीत का अंतर 4.9%
- 1999पुष्प जैन (BJP), जीत का अंतर 19.6%