फुलबनीलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1991
मृत्युंजय नायक (INC) ने 1991 के लोक सभा चुनाव में 48.8% वोट पाकर फुलबनी सीट जीती और पद्मनाभ बेहेरा (JD) को 54,030 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मृत्युंजय नायक | 2,32,51748.8% | |
| 2 | पद्मनाभ बेहेरा जनता दल | जनता दल | 1,78,48737.4% |
| 3 | रघुनाथ सेठी | 36,3067.6% | |
| 4 | नकुल नायक JP | JP | 22,1754.7% |
| 5 | पंचानन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4,9861.1% |
| 6 | दशरथ मुखी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7640.4% |
| 7 | किशोर चन्द्र नायक | 7310.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JD और BJP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
INC ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1984 में जीत दर्ज की थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 56.7% से घटकर 49.9% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977श्रीवत्स दिगल (JNP), जीत का अंतर 1.3%
- 1980मृत्युंजय नायक (INC(I)), जीत का अंतर 31.2%
- 1984राधा कान्ता दिगल (INC), जीत का अंतर 35.6%
- 1989नकुल नायक (JD), जीत का अंतर 12.1%
- 1991मृत्युंजय नायक (INC), जीत का अंतर 11.3%
- 1996मृत्युंजय नायक (INC), जीत का अंतर 5.8%
- 1998पद्मनाभ बेहेरा (BJD), जीत का अंतर 15.0%
- 1999पद्मनाभ बेहेरा (BJD), जीत का अंतर 16.2%