राजगढ़लोक सभा चुनाव का परिणाम, 1989
प्यारेलाल खंडेलवार (BJP) ने 1989 के लोक सभा चुनाव में 53.6% वोट पाकर राजगढ़ सीट जीती और दिग्विजय सिंह (INC) को 67,424 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्यारेलाल खंडेलवार | 2,89,25853.6% | |
| 2 | दिग्विजय सिंह | 2,21,83441.1% | |
| 3 | श्याम सिंह | 11,7012.2% | |
| 4 | पुरूषोत्तम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6691.1% |
| 5 | रामचंद्र JNP(JP) | JNP(JP) | 4,4420.8% |
| 6 | उमर खान | 3,5410.7% | |
| 7 | वीरेंद्र सिंह छाबड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7040.3% |
| 8 | बदरुद्दीन LKD(B) | LKD(B) | 7610.1% |
| 9 | प्रेम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 5470.1% |
| 10 | सैदुर रेहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 3030.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पुरानी सीट, जिस पर आख़िरी चुनाव 1999 में हुआ: तब से इसकी सीमाएँ बदल गईं या सीट ख़त्म हो गई, इसलिए आज के ज़िले या राज्य के आँकड़े नहीं दिखाए गए।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1984 के 63.3% से घटकर 61.6% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977पंडित वसंत कुमार राम कृष्ण (JNP), जीत का अंतर 49.4%
- 1980पंडित वसंत कुमार राम कृष्ण (JNP), जीत का अंतर 9.8%
- 1984दिग्विजय सिंह (INC), जीत का अंतर 34.8%
- 1989प्यारेलाल खंडेलवार (BJP), जीत का अंतर 12.5%
- 1991दिग्विजय सिंह (INC), जीत का अंतर 0.3%
- 1996लक्ष्मण सिंह (INC), जीत का अंतर 4.3%
- 1998लक्ष्मण सिंह (INC), जीत का अंतर 8.0%
- 1999लक्ष्मण सिंह (INC), जीत का अंतर 9.9%