रायगढ़लोक सभा चुनाव का परिणाम, 1989
नन्द कुमार साय (BJP) ने 1989 के लोक सभा चुनाव में 49.7% वोट पाकर रायगढ़ सीट जीती और पुष्पा देवी (INC) को 21,010 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नन्द कुमार साय | 2,18,58749.7% | |
| 2 | पुष्पा देवी | 1,97,57745.0% | |
| 3 | लछमन राम | 8,8332.0% | |
| 4 | सुसन्ना | 5,3681.2% | |
| 5 | कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1500.7% |
| 6 | प्रेम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6490.6% |
| 7 | गोविन्द सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7000.4% |
| 8 | संध्या देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5640.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1984 जितना ही रहा: 56.3%। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977नरहरी प्रसाद सुखदेव साय (JNP), जीत का अंतर 8.0%
- 1980पुष्पा देवी सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 31.8%
- 1984पुष्पा देवी (INC), जीत का अंतर 32.5%
- 1989नन्द कुमार साय (BJP), जीत का अंतर 4.8%
- 1991पुष्पादेवी सिंह (डब्ल्यू.) (INC), जीत का अंतर 15.3%
- 1996नन्द कुमार साय (BJP), जीत का अंतर 1.5%
- 1998अजीत जोगी (INC), जीत का अंतर 0.7%
- 1999विष्णुदेव साय (BJP), जीत का अंतर 1.0%