खूंटीलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1989
करिया मुण्डा (BJP) ने 1989 के लोक सभा चुनाव में 33.2% वोट पाकर खूंटी सीट जीती और मिरल एनेम होरो (JKD) को 3,785 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | करिया मुण्डा | 1,10,58033.2% | |
| 2 | मिरल एनेम होरो JKD | JKD | 1,06,79532.0% |
| 3 | साइमन तिग्गा | 95,22528.6% | |
| 4 | महेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7,6092.3% |
| 5 | मनबोध सिंह मुण्डा | 4,7971.4% | |
| 6 | चन्द्र मोहन सोय निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4981.4% |
| 7 | एम.एच. बाजारी मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1000.6% |
| 8 | कान्हीलाल सिंह मुण्डा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6560.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पुरानी सीट, जिस पर आख़िरी चुनाव 1999 में हुआ: तब से इसकी सीमाएँ बदल गईं या सीट ख़त्म हो गई, इसलिए आज के ज़िले या राज्य के आँकड़े नहीं दिखाए गए।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1999
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1984 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1984 के 39.6% से बढ़कर 45.5% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977करिया मुण्डा (JNP), जीत का अंतर 19.0%
- 1980निरेल एनेम होरो (JKD), जीत का अंतर 9.8%
- 1984साइमन तिग्गा (INC), जीत का अंतर 13.9%
- 1989करिया मुण्डा (BJP), जीत का अंतर 1.1%
- 1991करिया मुण्डा (BJP), जीत का अंतर 12.6%
- 1996करिया मुण्डा (BJP), जीत का अंतर 6.6%
- 1998करिया मुण्डा (BJP), जीत का अंतर 8.6%
- 1999करिया मुण्डा (BJP), जीत का अंतर 6.5%