पुरूलियालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
चित्तरंजन महतो (FBL) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 48.0% वोट पाकर पुरूलिया सीट जीती और के.पी. सिंह देव (INC) को 13,751 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चित्तरंजन महतो | 2,61,46048.0% | |
| 2 | के.पी. सिंह देव | 2,47,70945.5% | |
| 3 | अजीत प्रसाद महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 16,7903.1% |
| 4 | सरित कुमार चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 5,9701.1% |
| 5 | रवि चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6680.7% |
| 6 | गोमस्ता प्रसाद सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9290.5% |
| 7 | अमुल्य महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8190.5% |
| 8 | सुकुमार दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0650.2% |
| 9 | एच.बी. वेस्टन निर्दलीय | निर्दलीय | 8290.1% |
| 10 | राधा रमन घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 7930.1% |
| 11 | सुदामा निषाद निर्दलीय | निर्दलीय | 7370.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
FBL और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
1977 से यहाँ हर चुनाव FBL ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.8% से घटकर 48.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 59.5% से बढ़कर 72.2% हो गया।