मिदनापुरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
नारायण चौबे (CPI) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 53.1% वोट पाकर मिदनापुर सीट जीती और अजीत कुमार खाँड़ा (INC) को 56,997 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नारायण चौबे वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 3,18,51153.1% |
| 2 | अजीत कुमार खाँड़ा | 2,61,51443.6% | |
| 3 | अब्दुल रहीम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6770.9% |
| 4 | दिलीप मैती SUC | SUC | 3,9270.7% |
| 5 | बचनेश्वर साहा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5270.4% |
| 6 | गौर हरि भट्टाचार्य निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8680.3% |
| 7 | अशोक चंद्र दे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5500.3% |
| 8 | जितेन्द्र नाथ दे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3440.2% |
| 9 | इन्द्र देव दास निर्दलीय | निर्दलीय | 7620.1% |
| 10 | सुशील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6660.1% |
| 11 | तारक दास दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 5220.1% |
| 12 | मिर्ज़ा ओहिदुर रहमान बेग निर्दलीय | निर्दलीय | 4240.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
CPI ने 1980 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.6% से घटकर 53.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 1980 के 71.7% से बढ़कर 78.7% हो गया।