मैनपुरीलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
बलराम सिंह यादव (INC) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 50.1% वोट पाकर मैनपुरी सीट जीती और रविन्द्र सिंह चौहान (LKD) को 55,008 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बलराम सिंह यादव | 2,14,32250.1% | |
| 2 | रविन्द्र सिंह चौहान | 1,59,31437.2% | |
| 3 | रघुनाथ सिंह वर्मा | 30,7637.2% | |
| 4 | महेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6851.3% |
| 5 | ज्वाला | 5,1951.2% | |
| 6 | महेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2551.0% |
| 7 | गिरजा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8740.4% |
| 8 | जितेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8510.4% |
| 9 | जगदीश निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3150.3% |
| 10 | गिर्राज कृष्ण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2450.3% |
| 11 | गजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0890.3% |
| 12 | संतोष सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 9470.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, LKD और JNP को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1984
INC ने यह सीट JNP(S) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1971 में जीत दर्ज की थी। यह 1967 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 54.2% से बढ़कर 61.5% हो गया।