टिहरी गढ़वाललोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
ब्रह्म दत्त (INC) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 63.6% वोट पाकर टिहरी गढ़वाल सीट जीती और त्रेपन सिंह (LKD) को 1,40,592 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ब्रह्म दत्त | 2,03,88363.6% | |
| 2 | त्रेपन सिंह | 63,29119.7% | |
| 3 | गोविन्द सिंह नेगी | 15,7154.9% | |
| 4 | राजेन्द्र सिंह रावत | 14,9044.7% | |
| 5 | पीयूष नारायण उनियाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7071.2% |
| 6 | मीहनी धर निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3251.0% |
| 7 | शश राम कंसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2291.0% |
| 8 | जिवा नन्द भट्ट निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9740.9% |
| 9 | प्यार चन्द डोटियाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5410.8% |
| 10 | बिजेन्द्र दत्त रतूड़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3140.7% |
| 11 | राम मिलन | 2,2450.7% | |
| 12 | सत्य सिंह रावत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4910.5% |
| 13 | राकेश गोयल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0480.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और LKD को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1962–1984
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1971 में जीत दर्ज की थी। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1980 के 40.2% से बढ़कर 49.5% हो गया।