डिण्डीगुललोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
के.आर. नटराजन (ADK) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 61.8% वोट पाकर डिण्डीगुल सीट जीती और के. माया थेवर (DMK) को 1,41,318 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के.आर. नटराजन | 3,43,57161.8% | |
| 2 | के. माया थेवर | 2,02,25336.4% | |
| 3 | पी. पिचैमणि निर्दलीय | निर्दलीय | 5,4741.0% |
| 4 | टी.के. करुथपांडियन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1510.4% |
| 5 | एस. एन. गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5950.3% |
| 6 | एस. मुथुकृष्णन निर्दलीय | निर्दलीय | 9530.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
ADK और DMK को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1971–1984
ADK ने यह सीट DMK से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; ADK ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 62.4% से बढ़कर 68.3% हो गया।