नीलगिरिलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
आर. प्रभु (INC) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 60.3% वोट पाकर नीलगिरि सीट जीती और सी.टी. दंडपाणि (DMK) को 1,31,939 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आर. प्रभु AIADMK-INC गठबंधन ('एमजीआर फ़ॉर्मूला' / 'कांग्रेस फ्रंट'), तमिलनाडु लोक सभा 1984-1991 | AIADMK-INC गठबंधन ('एमजीआर फ़ॉर्मूला' / 'कांग्रेस फ्रंट'), तमिलनाडु लोक सभा 1984-1991 | 3,41,82460.3% |
| 2 | सी.टी. दंडपाणि | 2,09,88537.0% | |
| 3 | कोवई गणेशन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2030.6% |
| 4 | के. देवप्पन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9880.5% |
| 5 | जे.डी. राजू निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4300.4% |
| 6 | वी. सुब्रमणि निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3560.4% |
| 7 | ए.एस.जे. सेल्वाराज निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2740.4% |
| 8 | पी. केशवन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7820.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और DMK को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 65.1% से बढ़कर 68.5% हो गया।