दौसालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
राजेश पायलट (INC) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 53.9% वोट पाकर दौसा सीट जीती और नाथू सिंह (BJP) को 74,343 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेश पायलट | 2,45,24653.9% | |
| 2 | नाथू सिंह | 1,70,90337.6% | |
| 3 | राम किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 11,1992.5% |
| 4 | नांदल निर्दलीय | निर्दलीय | 8,2191.8% |
| 5 | जोधराज मीना जनता / लोक दल | जनता / लोक दल | 4,0170.9% |
| 6 | गजानन्द सोनी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4630.8% |
| 7 | नरेश चन्द्र सलेदिका निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2060.7% |
| 8 | अर्जुन सिंह (सैनी) निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3700.5% |
| 9 | राम सहाय निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1050.5% |
| 10 | जे.आर. खींची ICJ | ICJ | 1,7990.4% |
| 11 | श्री नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2580.3% |
| 12 | शम्भू दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 8970.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 50.7% से बढ़कर 56.7% हो गया।