महासमुंदलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
विद्याचरण शुक्ला (INC) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 57.0% वोट पाकर महासमुंद सीट जीती और रमेश (BJP) को 1,39,140 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विद्याचरण शुक्ला | 2,33,32557.0% | |
| 2 | रमेश | 94,18523.0% | |
| 3 | पुरुषोत्तम कौशिक | 44,08210.8% | |
| 4 | जी. पी. चन्द्राकर निर्दलीय | निर्दलीय | 9,8522.4% |
| 5 | दल्लूराम मुगिया निर्दलीय | निर्दलीय | 7,0081.7% |
| 6 | लीलाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 5,9991.5% |
| 7 | भरतलाल साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9220.7% |
| 8 | रामकुमार तिवारी सुमन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6750.7% |
| 9 | शेरतन लाल निडर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1980.5% |
| 10 | मिलाप निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1420.5% |
| 11 | गणपतराम सैन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0600.5% |
| 12 | मनोहरलाल भटपहरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6360.4% |
| 13 | लालमणि वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0170.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और JNP को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 57.7% से बढ़कर 63.0% हो गया।