मुरैनालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
कम्मोदीलाल जाटव (INC) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 47.9% वोट पाकर मुरैना सीट जीती और मुंशीलाल (BJP) को 21,568 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कम्मोदीलाल जाटव | 1,57,68347.9% | |
| 2 | मुंशीलाल | 1,36,11541.4% | |
| 3 | किशोरा | 13,4274.1% | |
| 4 | मोहन बाबू मण्डेलिया निर्दलीय | निर्दलीय | 10,3893.2% |
| 5 | रमेश शाक्य | 3,7581.1% | |
| 6 | नादरिया जाटव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9880.9% |
| 7 | रतिराम निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2800.7% |
| 8 | कम्मोदी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8880.6% |
| 9 | अशोक कुमार अटल निर्दलीय | निर्दलीय | 5240.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और JNP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
मुरैना ज़िला · 19.7 लाख लोग · जनगणना 2011
सरसों का तेल के लिए प्रसिद्ध।
यह सीट 2 ज़िलों में फैली है; नीचे के आँकड़े इसके मुख्य ज़िले मुरैना के हैं।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू95.4%
- मुस्लिम3.9%
- जैन0.3%
- बौद्ध0.2%
- ईसाई0.1%
- सिख<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
6 प्रसिद्ध स्थानमुरैना ज़िला
श्योपुर ज़िला





प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1984
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 41.1% से बढ़कर 45.4% हो गया।