रत्नागिरीलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
हुसैन दलवाई (INC) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 43.9% वोट पाकर रत्नागिरी सीट जीती और नातू श्रीधर दत्तात्रेय (BJP) को 23,845 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हुसैन दलवाई | 1,67,85943.9% | |
| 2 | नातू श्रीधर दत्तात्रेय | 1,44,01437.7% | |
| 3 | आर.वी. उर्फ़ बहुरावजी बेलोसे निर्दलीय | निर्दलीय | 46,72912.2% |
| 4 | नामदेवराव सुतार निर्दलीय | निर्दलीय | 13,9773.7% |
| 5 | जी.आर. कांबले निर्दलीय | निर्दलीय | 9,5612.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJP और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1984
INC ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1971 में जीत दर्ज की थी। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 61.0% से बढ़कर 61.9% हो गया।