मान्डयालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
के. वी. शंकरगौडा (JNP) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 58.5% वोट पाकर मान्डया सीट जीती और एस. एम. कृष्ण (INC) को 1,20,396 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. वी. शंकरगौडा जनता / लोक दल | जनता / लोक दल | 3,19,17658.5% |
| 2 | एस. एम. कृष्ण | 1,98,78036.5% | |
| 3 | बी. एन. थिरुमलेगौडा निर्दलीय | निर्दलीय | 7,2401.3% |
| 4 | एस. बी. शिवलिंगेगौड़ा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8330.7% |
| 5 | एस. एस. कोठारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6590.7% |
| 6 | के. जोगय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2670.6% |
| 7 | मंजुनाथ एम. निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7860.5% |
| 8 | वी. सुंदरकृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6380.5% |
| 9 | सी. बोरय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9230.3% |
| 10 | येल्लप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8070.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
JNP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
JNP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह JNP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 64.2% से बढ़कर 75.4% हो गया।