सिवानलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
अब्दुल ग़फ़ूर (INC) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 60.3% वोट पाकर सिवान सीट जीती और जनार्दन तिवारी (BJP) को 1,37,992 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अब्दुल ग़फ़ूर | 2,50,23560.3% | |
| 2 | जनार्दन तिवारी | 1,12,24327.0% | |
| 3 | राघव प्रसाद | 20,9675.0% | |
| 4 | बीबी खुर्शीद जहाँ | 13,8253.3% | |
| 5 | कमलेश्वर प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7870.9% |
| 6 | फारुख खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8330.7% |
| 7 | उत्तम राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6250.6% |
| 8 | मुन्शी प्रसाद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1350.5% |
| 9 | परमेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1280.5% |
| 10 | राम प्रीत गोंड निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8430.4% |
| 11 | राजेन्द्र ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6650.4% |
| 12 | राजेन्द्र साह निर्दलीय | निर्दलीय | 7450.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1962–1984
INC ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1971 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1980 के 47.0% से बढ़कर 54.0% हो गया।