गोपालगंजलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
काली प्रसाद पाण्डेय (निर्दलीय) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 59.2% वोट पाकर गोपालगंज सीट जीती और नगीना राय (LKD) को 1,77,092 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | काली प्रसाद पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 2,87,36059.2% |
| 2 | नगीना राय | 1,10,26822.7% | |
| 3 | शशि कान्त मिश्रा | 72,69715.0% | |
| 4 | कृपा मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 5,6021.1% |
| 5 | कांशी नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0110.6% |
| 6 | विश्व नाथ मांझी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8440.4% |
| 7 | शिवबिहारी सरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5920.3% |
| 8 | सिपाही राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2400.3% |
| 9 | महेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6590.1% |
| 10 | कपिलदेव मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 5960.1% |
| 11 | रामेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, LKD और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1962–1984
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1980 के 46.5% से बढ़कर 62.7% हो गया।