कलियाबोरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
भद्रेश्बर तांती (निर्दलीय) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 41.5% वोट पाकर कलियाबोर सीट जीती और तरुण कुमार गोगोई (INC) को 89,000 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | भद्रेश्बर तांती निर्दलीय | निर्दलीय | 2,40,64741.5% |
| 2 | तरुण कुमार गोगोई | 1,51,64726.2% | |
| 3 | मुज़हर लतीफ निर्दलीय | निर्दलीय | 1,32,09122.8% |
| 4 | प्रफुल्ल राजकुमार | 20,6083.6% | |
| 5 | सुधीर चन्द्र भुइयां निर्दलीय | निर्दलीय | 10,6951.9% |
| 6 | लक्ष्मी कान्ता बरुआ निर्दलीय | निर्दलीय | 6,8201.2% |
| 7 | प्रमोद सिंघा निर्दलीय | निर्दलीय | 6,7381.2% |
| 8 | फैजुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,9120.7% |
| 9 | बिमल सैकिया ICS | ICS | 3,1030.5% |
| 10 | अतुल गोस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0190.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2024 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2024 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1984
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1977 के 49.2% से बढ़कर 73.0% हो गया।