हैदराबादलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
सुल्तान सलाहउदीन ओवैसी (निर्दलीय) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 38.1% वोट पाकर हैदराबाद सीट जीती और के. प्रभाकर रेड्डी (TDP) को 3,481 वोटों से हराया।
1984 के नक्शे पर इस सीट की रूपरेखा अनुमानित है: इसे आज की विधान सभा सीटों से, उन्हें उसी तरह जोड़कर दोबारा बनाया गया है जैसे 1976 का परिसीमन आदेश जोड़ता है। कारवान और गोशामहल इस सीट और सिकंदराबाद के बीच आदेश की सीमा के आर-पार फैले हैं, और हर एक को पूरा उसी तरफ़ रखा गया है जहाँ उसका ज़्यादातर हिस्सा है; ग्रामीण हिस्सा पहले वाली रूपरेखा पर है।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुल्तान सलाहउदीन ओवैसी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,22,18738.1% |
| 2 | के. प्रभाकर रेड्डी | 2,18,70637.5% | |
| 3 | वी. हनुमंत राव | 1,30,27222.4% | |
| 4 | एम. यादय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 3,2340.6% |
| 5 | सैयद मोहम्मद पाशा कादरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,7670.5% |
| 6 | राजा राम शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3390.4% |
| 7 | के. शेष चारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7920.3% |
| 8 | नरोत्तम लाल गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 8060.1% |
| 9 | अब्दुल हकीम निर्दलीय | निर्दलीय | 6710.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, TDP और INC को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
पुरानी सीट, जिस पर आख़िरी चुनाव 2004 में हुआ: तब से इसकी सीमाएँ बदल गईं या सीट ख़त्म हो गई, इसलिए आज के ज़िले या राज्य के आँकड़े नहीं दिखाए गए।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1984
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 63.4% से बढ़कर 76.8% हो गया।