नरसरावपेटलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1984
काटूरी नारायणस्वामि (TDP) ने 1984 के लोक सभा चुनाव में 49.9% वोट पाकर नरसरावपेट सीट जीती और कासु ब्रह्मानंद रेड्डी (INC) को 14,238 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | काटूरी नारायणस्वामि | 2,95,05949.9% | |
| 2 | कासु ब्रह्मानंद रेड्डी | 2,80,82147.5% | |
| 3 | करमसेट्टी श्रीनिवासराव निर्दलीय | निर्दलीय | 6,4161.1% |
| 4 | तिरुपतिराव जनपति निर्दलीय | निर्दलीय | 5,3510.9% |
| 5 | गंगिनेनी सांबय्या निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4940.4% |
| 6 | मोहम्मद मोहिद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5730.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
TDP और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1962–1984
TDP ने यह सीट INC(I) से छीन ली, जिसने इसे 1980 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1962 से शुरू होता है, यह TDP की पहली जीत थी। यह 1962 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1980 के 54.5% से बढ़कर 68.1% हो गया।