खुर्जालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
त्रिलोक चन्द (JNP(S)) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर खुर्जा सीट जीती और हरि सिंह (INC(I)) को 34,269 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | त्रिलोक चन्द JNP(S) | JNP(S) | 1,32,76639.5% |
| 2 | हरि सिंह | 98,49729.3% | |
| 3 | मोहन लाल पिपिल | 83,43224.8% | |
| 4 | नारायण प्रसाद हितैषी निर्दलीय | निर्दलीय | 9,2612.8% |
| 5 | राज दुलारी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,8621.7% |
| 6 | देशराज सिंह आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 4,8051.4% |
| 7 | कन्हैया लाल बाल्मीकि निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3120.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1984
JNP(S) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह JNP(S) की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1977 के 59.7% से घटकर 50.9% रह गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।