फर्रूखाबादलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
दया राम शाक्य (JNP) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 22.7% वोट पाकर फर्रूखाबाद सीट जीती और सिया राम गंगवार (INC(I)) को 6,110 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दया राम शाक्य | 77,54122.7% | |
| 2 | सिया राम गंगवार | 71,43120.9% | |
| 3 | गिरीश चन्द्र कटियार JNP(S) | JNP(S) | 68,16019.9% |
| 4 | अनवर मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 64,70218.9% |
| 5 | सुबेदार सिंह | 35,37310.3% | |
| 6 | दामोदर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4,8411.4% |
| 7 | कमला देवी कश्यप निर्दलीय | निर्दलीय | 4,2451.2% |
| 8 | मान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5491.0% |
| 9 | विद्या सागर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4890.7% |
| 10 | राम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9620.6% |
| 11 | राम बाबू बाजपेयी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5100.4% |
| 12 | श्याम बाबू यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3830.4% |
| 13 | राम भरोसे लाल (कटियार) निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1850.3% |
| 14 | बाबा कृष्ण चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0130.3% |
| 15 | देव नारायण दीक्षित निर्दलीय | निर्दलीय | 7830.2% |
| 16 | रामऔतार उर्फ़ योगीराज रतानंद शास्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 6590.2% |
| 17 | रामाश्रय दीक्षित निर्दलीय | निर्दलीय | 6410.2% |
| 18 | सोने लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4020.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 64% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1984
JNP ने 1977 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 71.3% से घटकर 22.7% रह गया। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1977 के 58.6% से घटकर 48.1% रह गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।