देवरियालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
रामायण राय (INC(I)) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 32.8% वोट पाकर देवरिया सीट जीती और रामधारी शास्त्री (JNP(S)) को 77 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रामायण राय | 1,10,01432.8% | |
| 2 | रामधारी शास्त्री JNP(S) | JNP(S) | 1,09,93732.8% |
| 3 | उग्रसेन | 81,33724.3% | |
| 4 | दीप नारायण मणि | 9,0622.7% | |
| 5 | राम भजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8,6492.6% |
| 6 | जगदंबा निर्दलीय | निर्दलीय | 6,6032.0% |
| 7 | रमापति उर्फ़ रमाकांत निर्दलीय | निर्दलीय | 6,3561.9% |
| 8 | अलाउद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1530.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.62 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1984
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह INC(I) की पहली जीत थी। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1977 के 52.0% से घटकर 46.7% रह गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।