सुल्तानपुरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
गिरिराज सिंह (INC(I)) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 36.8% वोट पाकर सुल्तानपुर सीट जीती और त्रिभुवन नाथ सांडा (JNP(S)) को 26,081 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गिरिराज सिंह | 1,07,24136.8% | |
| 2 | त्रिभुवन नाथ सांडा JNP(S) | JNP(S) | 81,16027.9% |
| 3 | के.पी. सिंह | 59,60220.5% | |
| 4 | राम दुलार मौर्या निर्दलीय | निर्दलीय | 13,9704.8% |
| 5 | देवी प्रसाद मिश्र निर्दलीय | निर्दलीय | 7,6002.6% |
| 6 | परभाती निर्दलीय | निर्दलीय | 6,8772.4% |
| 7 | भवाई फेर निर्दलीय | निर्दलीय | 6,1242.1% |
| 8 | हनुमान प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3741.2% |
| 9 | राम अवध मिश्र समाज सेवी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1361.1% |
| 10 | बृज नाथ सिंह बिसारद | 2,2200.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 49.8% से घटकर 42.7% रह गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।