सीतापुरलोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
राजेन्द्र कुमारी बाजपेयी (INC(I)) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 42.3% वोट पाकर सीतापुर सीट जीती और हरगोविन्द वर्मा (JNP(S)) को 45,697 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजेन्द्र कुमारी बाजपेयी | 1,21,21142.3% | |
| 2 | हरगोविन्द वर्मा JNP(S) | JNP(S) | 75,51426.3% |
| 3 | मोढ इश्तियाक हुसैन कुरैशी | 62,23821.7% | |
| 4 | चन्द्रिका प्रसाद सिन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 5,5071.9% |
| 5 | राधे श्याम गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 5,3751.9% |
| 6 | चुड़ामणी निर्दलीय | निर्दलीय | 5,2471.8% |
| 7 | जाफर अली निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5621.2% |
| 8 | लालजी प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5520.9% |
| 9 | बंस गोपाल उर्फ़ सलाई महाराज निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0270.7% |
| 10 | अम्बिका प्रसाद मिश्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8280.6% |
| 11 | राम सरन वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8000.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 53.6% से घटकर 45.0% रह गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।