रीवालोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
महाराजा मार्तन्ड सिंह (निर्दलीय) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 73.4% वोट पाकर रीवा सीट जीती और यमुना प्रसाद शास्त्री (JNP) को 2,38,351 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महाराजा मार्तन्ड सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,94,23473.4% |
| 2 | यमुना प्रसाद शास्त्री | 55,88313.9% | |
| 3 | रामसिया सिंह JNP(S) | JNP(S) | 30,6277.6% |
| 4 | हीरा सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5,2811.3% |
| 5 | जगदीश प्रसाद द्विवेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6010.7% |
| 6 | मुनीन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4990.6% |
| 7 | रामा निवास शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3910.6% |
| 8 | मुरली सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8640.5% |
| 9 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8490.5% |
| 10 | राम खेलावन ताम्रकार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7500.4% |
| 11 | जगदीश तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7030.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और JNP को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 58.3% से घटकर 57.3% रह गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।