बैतूललोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
गुफरान आज़म (INC(I)) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 41.8% वोट पाकर बैतूल सीट जीती और सुभाषचंद्र आहुजा (JNP) को 29,322 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुफरान आज़म | 1,04,81641.8% | |
| 2 | सुभाषचंद्र आहुजा | 75,49430.1% | |
| 3 | भगवंतराव कावडकर JNP(S) | JNP(S) | 27,66411.0% |
| 4 | दयाराम महाजन | 13,9065.5% | |
| 5 | श्यामराव ठेकेदार RPK | RPK | 9,4083.8% |
| 6 | ठाकुरलाल मोकाती निर्दलीय | निर्दलीय | 7,4593.0% |
| 7 | गुलाबराव पंडाग्रे उर्फ़ पवार निर्दलीय | निर्दलीय | 4,8001.9% |
| 8 | लक्ष्मीचंद जैन चारुवावाला निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7411.5% |
| 9 | प्रेमकुमार मालवीय निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5611.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1977–1984
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 46.7% से बढ़कर 48.6% हो गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।