महेन्द्रगढ़लोक सभा चुनाव का परिणाम, 1980
बिरेन्द्र सिंह (INC(I)) ने 1980 के लोक सभा चुनाव में 50.7% वोट पाकर महेन्द्रगढ़ सीट जीती और राम बिलास (JNP) को 91,347 वोटों से हराया।
विजेता
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिरेन्द्र सिंह | 2,47,23850.7% | |
| 2 | राम बिलास जनता / लोक दल | जनता / लोक दल | 1,55,89132.0% |
| 3 | निहाल सिंह JNP(S) | JNP(S) | 73,93115.2% |
| 4 | चिरंजी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5,4431.1% |
| 5 | सत्यावान SUC | SUC | 1,9820.4% |
| 6 | मनोहर श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9730.4% |
| 7 | गणपत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1080.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC(I), JNP और JNP(S) को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
यह सीट कितनी बार सरकार बनाने वाली पार्टी को मिली?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
यहाँ से कौन जीता, 1967–1984
INC(I) ने यह सीट JNP से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह INC(I) की पहली जीत थी। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1977 के 70.9% से घटकर 62.6% रह गया। इसके बाद 1984 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।